शिक्षा, महत्व एवं प्रभाव
''शिक्षा, एक सभ्य समाज के लिए सर्वोत्तम उपाय है।'' '' शिक्षा जीवन का अभिन्न अंग है, जिसके बिना जीवन निरर्थक है।'' शिक्षा को जीवन का आधार कहना थोड़ा भी अनुचित नहीं लगता। शिक्षा हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। एक शिक्षित व्यक्ति और एक अशिक्षित व्यक्ति के जीवन को देखकर हम बहुत अच्छी तरह फर्क कर सकते है। हिन्दू धर्म में शिक्षा को तो बहुत पहले से ही एक आवश्यक अंग जीवन के लिए मना गया है। भारत हमेशा से ही विश्व गुरु रहा है। विश्व का प्रथम विश्वविद्यालय हो जिसमे हम तक्षशिला कि बात करे या नालंदा विश्वविद्यालय की दोनों ही प्राचीन काल से ही भारतीयों के साथ साथ विदेशियों के लिए भी शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान रहे है। हमे यह कहने में गर्व महसूस होना चाहिए कि हम उस देश के निवासी है जहां प्राचीन समय से शिक्षा पर बल दिया जा रहा है। हा यह बात थोड़ा अलग है कि शिक्षा में सभी को समान अधिकार देने के क्षेत्र में भारत हमेशा से ही पीछे रहा है चाहे हम बात करे पहले कि या अभी के समय की हमारे सामने हमेशा से यह परेशानी रही है कि किस तरह हम शिक्षा को सभी के लिए समान अवसर निकाल ...