नारी सशक्तिकरण
‘यत्र नार्यस्तु पूजयंते, रमयंते तत्र देवता’ जहा नारी की पूजा होती है देवता भी वही निवास करते है, यह वाक्य अपने आप में ही एक ऐसा वाक्य है जो सम्पूर्ण सार समेटे हुए है। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज महिला सशक्तिकरण की बात हम कर रहे है। मुझे लगता है की महिलाओं के सशक्तिकरण की जब भी बात होती है तब वह राजनीतिक और आर्थिक आधार पर ही सिमटकर रह जाती है जबकि महिला सशक्तिकरण के लिए सबसे प्रमुख आधार महिलाओं का सामाजिक विकास है, हमारी सरकार ने महिला सशक्तिकरण के विषय में अत्याधिक कार्य नहीं किया परंतु जितना किया वह बहुत ही कम है, फिर भी सराहनीय है।वर्तमान समय में महिला वर्ग काफी सशक्त हुआ है प्रमुखता शहर में रहने वाली महिलाओं का विकास हुआ है परंतु अभी भी। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं अभी भी समाज की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाई है, ग्रामीण क्षेत्र में तो राजनीतिक स्तर पर भी महिलाएं इतनी विकसित नहीं हो पाई है भले ही सरकार ने महिलाओं को चुनाव में भाग लेने के लिए नियम बना दिए हो लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी जाकर देखे तो शायाद ही किसी भी गाल में महिलाएं जमीनी स्तर पर जाकर कार्य करती हो ग्रामीण ...