मास्क

 मास्क एक "समस्या तथा समाधान"

मास्क एक ऐसा शब्द जो आज के समय में हर कोई जानता है। एक समय ऐसा था जब मास्क शब्द किसी को नहीं पता होता था, पिछले कुछ महीनों में मानव जीवन में मास्क की मह्त्ता अत्यंत तेजी से बढ़ी है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण सम्पूर्ण मानव जाति का मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है लेकिन क्या आप जानते है कि हम अभी तक इस महामारी से इतने उबर भी नहीं पाए और बहुत सारे लोगो ने मास्क का प्रयोग करना बंद कर दिया है। जब में इन लोगो कि तरफ देखता हूं तो मुझे लगता है इन लोगो में अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारी थोड़ी सी भी नहीं है।

मास्क अब कुछ अच्छे कार्यालयों में, बड़े बड़े मॉल, तथा कुछ अन्य प्रतिष्ठित स्थानों में ही रह गया है। सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न ऐसी जगहों पर मास्क तो दिखता ही नहीं है। हमे इस बात को समझना होगा कि यह कितना जरूरी है, न सिर्फ कोरोना जैसी बीमारी बल्कि अन्य कई बीमारी से भी मास्क हम बचाता है।

इसका एक और पहलू देखा जाए तो हमारे कचरो में एक और वस्तु बढ़ गई है वह है मास्क। मास्क का उपयोग पिछले कुछ महीनों में इतना हुआ है कि हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते, किन्तु इसका निस्तारण ठीक ढंग से नहीं करते जगह जगह पर रास्तों पर, कही पर भी उसे फेक देना बिल्कुल सही नहीं है।  

कुछ जिम्मेदारी हमारी भी होती है सरकार विभिन्न तरीकों से हमे अवगत कराती है किन्तु क्या कभी हमने अपने कर्तव्यों का निर्वहन अच्छी तरह से किया है। आज हमारे देश में गंदगी और विकास न होने का कारण कही न कहीं हम ही है जब तक हम नहीं बदलेंगे तब तक हमारे समाज का विकास नहीं होगा।

मास्क का उपयोग निरंतर करे तथा एक जिम्मेदार नागरिक की तरह उपयोग के बाद इसका उचित निस्तारण करे।

धन्यवाद्

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